1
ग्राम सभा द्वारा ग्राम वन अधिकार समिति का गठन अथवा पुनर्गठन तथा सामुदायिक संसाधनों की पुष्टि करना।
2
गठित / पुनर्गठित ग्राम वन अधिकार समिति का ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ‘एम. पी. वनमित्र’ पोर्टल में पंजीयन।
3
दावेदार द्वारा कियोस्क सेंटर से एम.पी. वनमित्र पोर्टल में नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन।
4
ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा पंजीकृत दावों के स्थल सत्यापन हेतु तिथि निर्धारण कर संबंधितों को सूचित करना।
5
ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा निर्धारित तिथि को दावे की भूमि का भौतिक सत्यापन कर, ‘एम.पी. वनमित्र सर्वे’ मोबाईल एप द्वारा नक्शा बनाना और आवेदन तथा साक्ष्यों का सत्यापन करना।
6
ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा सत्यापन का निष्कर्ष ग्राम सभा में प्रस्तुत करना।
7
ग्राम सभा आयोजित कर सत्यापित सामुदायिक तथा व्यक्तिगत वन अधिकार दावों के संबंध में ग्राम सभा का संकल्प पारित करना।
8
ग्राम वन अधिकार समिति द्वारा ग्राम सभा के संकल्प, कार्यवाही विवरण, फोटो, उपस्थिति पत्रक को एम.पी. वनमित्र पोर्टल में अपलोड करना तथा दावों को उपखण्ड स्तरीय समिति को भेजना।
9
उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा बैठक करके ग्राम वन अधिकार समिति से प्राप्त दावों से संबंधित अनुशंसाएँ दर्ज कर जिला स्तरीय वन अधिकार समिति को भेजना।
10
ज़िला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा बैठक आयोजित कर उपखण्ड स्तरिय वन अधिकार समिति से प्राप्त अनुशंसाओं का परीक्षण। दावों पर अंतिम निर्णय करते हुए मान्य या अमान्य करना।
11
ज़िला स्तरीय वन अधिकार समिति द्वारा मान्य किए गए दावेदारों के वन अधिकार पत्र वनमित्र पोर्टल से जनरेट होंगे, जिनकी साफ्ट एवं मुद्रित हस्ताक्षरित प्रति दावेदारों को प्रदाय की जायेंगी।